Poetry

जब तेरी मेरी उम्र हो जाएगी|

जब तेरी मेरी उम्र हो जाएगी,
मेरी आँखों पर एक मोटा चश्मा होगा,
चलने को किसी का सहारा लेना होगा,
तू वहीँ कहीं मुस्कुरा रही होगी,
तब तेरी हँसी के सहारे सवेरा जागेगा,
शाम की पलके निचे तुझसे होंगी|

जब तेरी मेरी उम्र हो जाएगी,
मैं झुर्रिओं में ज़िन्दगी को याद करूँगा,
गले को गर्म रखने की दावा लूँगा,
पर तू वहीँ कहीं बैठी होगी,
यादों को खुबसूरत तूने जो बनाया होगा,
तुझे उसका धन्यवाद भी तो करना होगा|

जब तेरी मेरी उम्र हो जाएगी,
मैं तुझे खुद में जिंदा रखूँगा,
मैं तेरे सहारे उम्र सारी काट लूँगा,
पर तू कहीं खुदा के पास होगी,
तेरा मुझे वहीँ से डांटना होगा,
पर मैं खुदा से तेरी खातिर नाराज़ रहूँगा|

Standard
Poetry

बरसात की राख़

स्कूटर पर भीगे मौसम मे जो गलियाँ नाप देते थे,
बूँदों से जो गले से पीठ तक,
हरुफ़-ए -तहज़ी जोड़ शायरी पढ़ते थे तुम|

क्या वैसे ही उन्स का लुफ़्त
तुम रंजिश में अपने नए यार से भी निभाते हो?

हो जो कोई जवाब तो कहना
उसी स्कूटर पर यार के पीछे बैठ कर,
गर्म साँसों से बरसात मे भीगते हुए।

आग हैं कोई जो जलती रह गई हैं,
रफ़्ता रफ़्ता राब्ता होगा उस बरसात की राख़ से मेरा।

Standard
Poetry

एकतरफ़ा

इस नींद से
नफरत भी हैं,
उतना ही
इश्क भी|

जो जगा
तो ख्यालों में तुम,
जो सोया
तो ख्वाबों में तुम|

ये एकतरफ़ा
ज़िन्दगी भी हैं,
और एक
कतल सा भी हैं|

तुम हो बस
मेरे ख्यालों के हो,
तुम न हो तो
किसी के भी नहीं|

Standard
Poetry

फुर्सत मिले तो

इश्क़ को फुर्सत मिले तो कहना,
रंजिशें रखनी हैं तन्हाई से कभी।

चुप्पी की सलाह माने उस वक़्त,
या दो टूक हो जाये आवाज़ों से कभी।

कौन रुकता हैं ढंग के बात के बिना,
जो चले तो साथ मुकाम तक चले कभी।

फुर्सत मिले इश्क़ से तो चुप न रहना,
तन्हाई से दोस्ती का वादा है अभी।

Standard
Poetry

Always

How drunk this night could be?
Counting stars and I
Always end up counting You.

How old these trees could be?
Shedding leaves and I
Always end up holding You.

How broke this road could be?
Walking straight and I
Always end up hugging You.

Is it too early to start fresh?
Because in dark I
Always end up Loving You.

Standard
Fictions

Score

His index finger was calculating all bones, her bare back could hold. Gradually, the warmth of their body called out names of each other. He reached her waist.

“What story does this scar hold?” A line of stiches streched till her bottom.

“That’s the score for my ‘no’ to my husband.”

Standard
Fictions

Reader

37aa64015f6e7336d6c50d80d0b1c368“Do you miss me?”

“Don’t you read my poetry?”

“I lost my reader.”

It took two years for Rachit and Geet to realize the gravity. The gravity of divorce they were calculating. It was 143rd page, when she found her reference.

“With black hair with few golden strands, pierced ears at four different places, reddish and dimpled cheeks, Geet was learning to drive.” She read.

“Is that all you noticed?” She asked him.

“Is that all you read?”

Another book was about to finish, when Rachit wrote another story around her.

Standard