Poetry

Sunkissed

Ohh, my my my,
Look at her,
Kissed all the way,
Like bright and right.

Absorbing everything,
That window could deliver,
Like that Sunkissed,
All right and bright.

Let’s just keep it,
The way it is here.
She being a face,
I being her kiss she awaits.

Advertisements
Standard
Poetry

यहाँ बिकना कितना आसाँ हैं,
कोई नफ़रत खरीद गया,
कोई मोहब्बत बेच गया।

कुछ साँसे क्या ज़हर हुई,
वो खुले में नकाब बेच गया।

साँसे

Aside
Poetry

मोड़

वो मोड़ याद होगा तुम्हें,
वही जहाँ रात भर
नींद यूँही बैठी रहती थी
और तुम और मैं
बस अर्सा बाते
करते रहते थे।

हाँ वही,
आज उसी अँधेरे से
मेरा रास्ता मुड़ रहा हैं।

Standard
Poetry

सपना

घड़ी देख बताया उसने,
बस थोड़ा सा लेट हुआ हूँ,
चाँद को जाने वाली बस,
अभी आयी नहीं लेकिन।

हर रात का हैं ये,
सपने सच होते तो
बस न छूटती कभी।

Standard
Poetry

आओ बैठे किसी सितारें पर

पाओं लटका कर दुनिया की तरफ़,
आओ बैठे किसी सितारें पर।

देखे ज़रा दूर से,
चाँद सूरज की छुपन छुपाई।
एक आता हैं,
दूसरा कहीं दूसरे दिन मिलता हैं।

चुप भी बैठे रहेंगे हम,
और बातें भी होंगीं करने को।
अँधेरा होगा थोड़ा बहुत,
लेकिन रोशनी भी होगी सब देखने को।

आओ तो चले उस पार बैठे,
पाओं लटका कर सितारें पर।

“पाओं लटका कर दुनिया की तरफ़,
आओ बैठे किसी सितारें पर।”

ये दो पंक्तियाँ ट्विटर पर किसी ने share की थी, बस वहीं से आगे बढ़ाया हैं।

Standard
Fictions

अंग्रेज़ी की टीचर

10 मिनट की क्लास बाकी, फिर भी घंटों भर का भार लग रहा था। हर दिन की तरह उस दिन भी रचित को क्लास के खत्म होने का बेसब्री से इंतज़ार था।

“टन-टन-टन” बस किताब बंद की और
गालरी की ओर भाग दिया वो।

“गुड आफ्टर-नून, मिस अनीता।” हर रोज़ की तरह, उस दिन भी अंग्रेज़ी की टीचर ने रचित के बालों को सहला कर स्टाफ रूम को ओर चली गई।

पहला प्यार की तब कुछ ऐसी मुलाकात होती थी।

Standard
Fictions

अगली शाम

गाड़ी से ऊतर कर, कृशा घर को अपने चल पड़ी।

“फिर कब मिल सकते है?”

“कभी भी, जब वक़्त मिले।” उसने पलट कर आँखों से जवाब दिया, और रचित वही रुक उसे जाते देखता रहा।

खामोशी उस शाम छुट्टी पर थी। कहानी धीरे धीरे ऐसे ही बन जाती हैं।

Standard