Fictions

टिफ़िन

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एक दिन जब कपड़े धोने के लिए उनकी तीसरी शर्ट की महक ली, तो उसकी खुश्बू अलग थी। उनके रोज़ वाला पर्फ्यूम नहीं था।

वो शाम को देर से आए। बहुत सोचा, लेकिन मैं पूछ न पाई कुछ।

अगली सुबह वो तैयार हुए ऑफिस को जाने को, मैंने भी डिब्बे मे सब्ज़ी की जगह एक चमच वजह डाल दिया।

“आज मैं टिफ़िन नहीं लेके जाऊँगा।” उन्होंने जवाब दिया। “सब्जी की महक सभी को मेरे टेबल पर खिंच ले आती हैं, और मेरे खाने को कुछ नहीं बचता|”

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