Poetry

थोड़ा थोड़ा

थोड़ी रात तुम ले आना,
मैं एक चाँद पूरा ले आऊँगा|

थोड़ी सी बातें ले आना तुम,
मैं बस्ता भर रातें ले आऊँगा|

कुछ लव्ज़ दे जाना तुम,
मैं उम्रभर तुम्हें लिखता रहूँगा|

एक पुराना किस्सा ले आना तुम,
मैं अपनी हस्ती मिटा आऊँगा|

थोड़ी याद तुम ले आना,
मैं कुछ आँसूं बहा आऊँगा|

ये थोड़ा थोड़ा कटोरी भर ज़िंदगी,
ये कुछ कुछ पल की रातें|

एक किस्सा, कई रातें,
एक रात, कई किस्से|
आते जाते, कभी थोड़ा तुम,
कभी थोड़ा मैं दे जाऊँगा|

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